एग्जाम फोबिया :-
एग्जाम फोबिया एक ऐसी मानसिक दशा है कि जिसमें एग्जाम के डर और घबराहट की वजह से स्टूडेंट्स का उर्जा स्तर गिरने लगता है और मानसिक और शारीरिक तनाव के साथ-साथ मेमरी भी कम होने लगती है। स्टूडेंट्स को आसान से सब्जेक्ट भी कठिन लगने लगते हैं। उसके लिए बार-बार याद करने पर भी चीजों को याद करना कठिन हो जाता है। ऐसे में स्टूडेंट्स निराशा और हताशा जैसी मानसिक दशा में तेजी के साथ घिरने लगता है। बच्चे की ऐसी आंतरिक मनोदशा को ही एग्जाम फोबिया कहा जाता है।
सही कारण जानें
सबसे पहले यह पता लगाए कि बच्चा को एग्जाम से डर क्यों लग रहा है। क्या आप की सही ढंग से तैयारी नहीं है? क्या उसको परीक्षा में फेल हो जाने का डर सता रहा है? क्या वह परीक्षा को लेकर आस-पास के वातावरण और लोगों के पूर्वानुमान से भयभीत है?
एग्जाम फोबिया से कैसे बचें
एग्जाम की तैयारी पूरी लगन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ करवाएं। बच्चों को नोट्स से तैयारी करवाएं। पिछले साल के सैंपल पेपर से उसे टेस्ट बनाकर दें। बच्चों को यह समझाएं कि मेहनत का कोई शॉर्टकट नहीं है।
नकारात्मक व्यक्तियों से बचें
बच्चे के आसपास नकारात्मक विचारों के व्यक्ति को न आने दें। ऐसे व्यक्तियों का दृष्टिकोण काफी निराशावादी होता है और वे हमेशा नकारात्मक सुझाव देते हैं। ऐसे लोगों का संपर्क आपके बच्चे के आत्मविश्वास को कम कर सकता है।
वातावरण में बदलाव करें
यदि बच्चा एग्जाम फोबिया से परेशान है तो घर के वातावरण को बदलें। सुबह-शाम बच्चे के साथ सैर पर जाएं। पॉजिटिव लोगों और मित्रों से मिलें। पारिवारिक आयोजनों में भाग लें, रोचक और ज्ञानवर्धक टीवी प्रोग्राम देखें और प्रेरणादायक पुस्तकें पढ़ें।
पर्याप्त नींद लेने को कहें
मानसिक तनाव को दूर करने के लिए कम से कम छह से आठ घंटे की गहरी नींद बच्चों को दें। पर्याप्त नींद लेने से मानसिक और शारीरिक थकान को दूर करने में सहायता मिलती है। इसके साथ साथ मन की एकाग्रता को बढ़ाने के लिए नियमित रूप से ध्यान (मेडिटेशन) करें।
संतुलित भोजन लें
यदि परीक्षा के दिनों में बच्चों को भारी और तला-भुना भोजन करवाएंगी तो उसकी मानसिक और शारीरिक ऊर्जा का स्तर गिरेगा। उसे जल्दी नींद आएगी। इसलिए उसे हल्की डाइट दें। अधिक मात्र में पेय पदार्थों का सेवन करवाएं।
कुछ बच्चे लिखकर अच्छा याद करते हैं तो कुछ जोर-जोर से बोल कर। ऐसे में बच्चे पर आदत बदलने का दबाव न डालें। उससे उनका मनोबल बढ़ाने वाली बात करें। अनावश्यक दबाव न बनाएं।

